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2026-08-14 03:31:26 pm | Source: आईएएनएस
अगले चरण के औद्योगिक विकास में मजबूत निर्यात और बाजार विविधीकरण होंगे अहम फैक्टर्स : सीआईआई
अगले चरण के औद्योगिक विकास में मजबूत निर्यात और बाजार विविधीकरण होंगे अहम फैक्टर्स : सीआईआई

गुजरात के अगले चरण के औद्योगिक विकास के लिए निर्यात और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में सुधार, एमएसएमई का बढ़ना, भविष्य की स्किल्स के लिए तैयार रहना और मैन्युफैक्चरिंग में निवेश अहम फैक्टर्स होंगे। यह जानकारी सीआईआई पश्चिम क्षेत्र के चेयरमैन वीर एस आडवाणी ने दी, साथ ही कहा कि वे इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।  

अहमदाबाद में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) की मीडिया राउंडटेबल में बोलते हुए आडवाणी ने कहा कि भारतीय उद्योग जगत को महंगाई और आयात की बढ़ती लागत के कारण मुश्किल दौर का सामना करना पड़ा है, जबकि अमेरिकी टैरिफ को लेकर अनिश्चितता निर्यातकों पर दबाव बढ़ा रही है।

उन्होंने कहा कि सीआईआई, भारत-अमेरिका स्थिति को लेकर साल की शुरुआत की तुलना में अब अधिक उम्मीद लगाए हुए है।

आडवाणी ने कहा, "यह 100 प्रतिशत टैरिफ सबसे बड़ी समस्या है। यही बात सभी को परेशान कर रही है।" 

उन्होंने यह भी कहा कि अब भारत और अमेरिका के बीच "बहुत ज्यादा द्विपक्षीय बातचीत और संपर्क" हो रहा है।

उन्होंने कहा कि सीआईआई को उम्मीद है कि इस मुद्दे पर बातचीत होगी और भारत आखिरकार अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर स्थिति हासिल कर लेगा।

आडवाणी ने कहा कि टैरिफ को लेकर अनिश्चितता ने इस बात पर भी जोर दिया है कि भारतीय कंपनियों को अपने निर्यात के बाजार और उत्पादों की रेंज में विविधता लाकर अमेरिकी बाजार पर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, "हम बहुत कम उत्पादों का और बहुत कम देशों को ही एक्सपोर्ट करते हैं। इसलिए विविधता लाना सबसे जरूरी है।" उन्होंने यूके, यूरोपीय संघ और ऑस्ट्रेलिया जैसे बाजारों का जिक्र किया जिन पर भारतीय कंपनियों को और बारीकी से विचार करना चाहिए।

उन्होंने बताया कि सीआईआई, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर होने के बाद प्रोडक्ट और देश के स्तर पर एक रणनीति बनाने के लिए वाणिज्य मंत्रालय के साथ काम कर रहा है, जिसमें छह-अंकों वाले एचएसएन कोड के स्तर तक अवसरों की पहचान की जा रही है।

वहीं, सीआईआई गुजरात के चेयरमैन अचल बाकेरी ने कहा कि राज्य एक बड़ा डेटा सेंटर हब बन सकता है क्योंकि यहां जमीन और बिजली आसानी से उपलब्ध है, कंस्ट्रक्शन की लागत भी कम है और इसके तट पर सबमरीन डेटा केबल भी आती हैं। उन्होंने धोलेरा को एक अहम जगह बताया।

बाकेरी ने कहा, "मकसद यह है कि गुजरात देश का, या शायद एशिया का डेटा सेंटर कैपिटल बने।" उन्होंने माना कि बड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स के लिए पानी की उपलब्धता एक अहम सवाल है और पर्यावरण से जुड़ी बातों पर भी ध्यान देना होगा।

गुजरात की हाल ही में शुरू की गई डेटा सेंटर पॉलिसी 2026-29 का लक्ष्य 7.5 गीगावाट क्षमता हासिल करना और हाइपरस्केल तथा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना है।

उन्होंने कहा कि सीआईआई 2027 समिट की तैयारियों में गुजरात सरकार का समर्थन करेगा और पॉलिसी एडवोकेसी, मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, स्किल्स और एमएसएमई डेवलपमेंट के क्षेत्रों में काम करना जारी रखेगा।
 

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