मुकेश डी. अंबानी: रिलायंस इंडस्ट्रीज के Q2 FY27 नतीजों में जियो, रिटेल और O2C कारोबार का मजबूत प्रदर्शन
इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजारों में जियो की रिकॉर्ड बनाने वाली लिस्टिंग के साथ ही रिलायंस की वैल्यू क्रिएशन यात्रा में एक ऐतिहासिक क्षण आया। 22 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग पर शेयर की कीमत में मजबूत बढ़त के साथ इस इश्यू ने कई वैश्विक मानक स्थापित किए हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स अब भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। यह जियो की मजबूत बुनियाद और भविष्य में उसकी वृद्धि की स्पष्ट संभावनाओं पर निवेशकों के गहरे भरोसे को दर्शाता है। मुझे इक्विटी निवेश की उस संस्कृति को फिर से उभरते देखकर गर्व हो रहा है, जिसकी शुरुआत हमारे संस्थापक चेयरमैन ने 1977 में रिलायंस के आईपीओ के दौरान की थी।
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में जटिल कारोबारी माहौल के बावजूद हमारे व्यवसायों ने मजबूत प्रदर्शन किया। कमोडिटी बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रहा और भू-राजनीतिक तनाव वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव डालते रहे। ऐसे माहौल में हमारे कारोबारी पोर्टफोलियो का घरेलू बाजार पर केंद्रित होना, परिचालन अनुशासन और हमारे एकीकृत कारोबारों की विविध क्षमताओं ने रिलायंस को बाहरी उतार-चढ़ाव से प्रभावी ढंग से निपटने में मदद की।
इस तिमाही में हमारे O2C कारोबार ने विशेष रूप से मजबूत प्रदर्शन किया। इसकी प्रमुख वजहें ईंधन बाजार में आपूर्ति की तंगी, डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल डेल्टा में सुधार और मजबूत घरेलू मांग रहीं। कच्चे माल की खरीद और विभिन्न बाजारों में उत्पादों की बिक्री को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने के साथ-साथ पूरी वैल्यू चेन में हमारी परिचालन क्षमताओं ने हमें बेहतर मार्जिन हासिल करने में मदद की। यह प्रदर्शन हमारे O2C कारोबार की मजबूती और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता को दर्शाता है। डिजिटल सर्विसेज कारोबार ने भी इस तिमाही में अपनी मजबूत वृद्धि जारी रखी।
मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज कारोबार में जियो का प्रदर्शन मजबूत रहा और कमाई में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। जियो ने स्वयं का टेक्नोलॉजी स्टैक विकसित किया है। साथ ही डिजिटल सेवाओं, प्लेटफॉर्म्स और एंटरप्राइज सेवाओं का लगातार विस्तार किया है, जो केवल कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं हैं। जियो का आईपीओ, एक निर्णायक मील का पत्थर है। हमारे लाखों निवेशकों ने हम पर जो विश्वास जताया है, वह ग्राहकों और शेयरधारकों के लिए निरंतर मूल्य सृजन करने वाले स्वदेशी और विश्वस्तरीय डीप-टेक समाधान विकसित करने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
रिलायंस रिटेल के लिए भी यह स्थिर वृद्धि वाली तिमाही रही। सभी रिटेल फॉर्मेट्स और चैनलों में वृद्धि जारी रही। उपभोक्ता मांग मजबूत बनी रही, जिसे हमारे व्यापक फिजिकल और डिजिटल नेटवर्क तथा भारतीय उपभोक्ताओं की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने पर लगातार ध्यान देने से समर्थन मिला। हमारे कंज्यूमर प्रोडक्ट्स कारोबार ने भी वृद्धि की रफ्तार बनाए रखी और इसके एफएमसीजी ब्रांड्स ने भारतीय उपभोक्ताओं के बीच अपनी पकड़ और मजबूत की।
पूंजी के अनुशासित आवंटन से हमें ऐसे कारोबार खड़े करने में मदद मिली है, जो लंबे समय तक सतत कैश फ्लो देते हैं और भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता तथा तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।
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