वित्त वर्ष 2029 तक राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे 700 `वे-साइड एमेनिटीज` का निर्माण हो जाएगा पूरा : नितिन गडकरी

केंद्र सरकार ने बुधवार को जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे 700 से अधिक वे-साइड एमेनिटीज (डब्ल्यूएसए) का निर्माण वित्त वर्ष 2028-2029 तक पूरा होने की संभावना है।
वे-साइड एमेनिटीज में फ्यूल स्टेशन, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, शौचालय, पेयजल, पार्किंग, ढाबा/रेस्तरां/भोजनालय आदि जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में कहा कि अब तक राष्ट्रीय राजमार्गों/एक्सप्रेसवे के किनारे 501 वे-साइड एमेनिटीज का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इनमें से 94 वे-साइड एमेनिटीज चालू हो चुके हैं।
नेशनल हाइवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के जरिए सरकार लगभग 40-60 किलोमीटर के अंतराल पर वे-साइड एमेनिटीज का निर्माण करने की योजना बना रही है।
मंत्रालय ने कहा, "बेहतर निगरानी के उद्देश्य से वे-साइड एमेनिटीज में एक डिजिटल फीडबैक सिस्टम को इंस्टॉल किया गया है ताकि यूजर्स डिजिटल इनपुट दे सकें।"
वे-साइड एमेनिटीज का संचालन निजी बोली के माध्यम से चुने गए ऑपरेटरों द्वारा किया जाता है।
मंत्रालय के अनुसार, रोजगार के अवसर पैदा करने और स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए, डेडिकेटेड कवर्ड जोन में अनिवार्य सुविधाओं के हिस्से के रूप में छोटी दुकानों और स्टॉल के लिए क्षेत्र आवंटित किए गए हैं।
सरकार खादी एंड विलेज इंडस्ट्रीज कमीशन (केवीआईसी) के माध्यम से स्थानीय उपज को बढ़ावा दे रही है।
इस बीच, विशाल राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) नेटवर्क को बनाए रखने के लिए, सरकार ने वित्त वर्ष 2025 में 2,842 करोड़ रुपये की लागत से 17,884 किलोमीटर लंबाई में शॉर्ट टर्म मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट (एसटीएमसी) कार्यों को मंजूरी दी है और 6,757 करोड़ रुपये की लागत से 6,118 किलोमीटर लंबाई में परफॉर्मेंस बेस्ड मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट (पीबीएमसी) कार्यों को मंजूरी दी है।
वर्तमान में देश में 31,187 किलोमीटर लंबाई में 8.11 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 1,310 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।
जबकि, एसटीएमसी कार्य आम तौर पर 1-2 साल के कॉन्ट्रैक्ट अवधि के लिए किए जाते हैं, पीबीएमसी कार्य लगभग 5-7 साल की कॉन्ट्रैक्ट अवधि के लिए किए जाते हैं।
इसके अतिरिक्त, सरकार ने चार लेन और उससे ऊपर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) की स्थापना का काम शुरू किया है।









