Powered by: Motilal Oswal
2026-09-26 11:54:06 am | Source: आईएएनएस
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में 7.86 लाख करोड़ रुपए उधार लेगी केंद्र सरकार
News By Tags | #RBI #Economy
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में 7.86 लाख करोड़ रुपए उधार लेगी केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में 7.86 लाख करोड़ रुपए उधार लेगी। इस उधारी कार्यक्रम में 15,000 करोड़ रुपए के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड भी शामिल होंगे। वित्त मंत्रालय के अनुसार यह राशि 23 साप्ताहिक नीलामियों के माध्यम से जुटाई जाएगी। 

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, दूसरी छमाही की उधारी के साथ पूरे वित्त वर्ष में दिनांकित प्रतिभूतियों के जरिए सरकार की कुल उधारी लगभग 15.9 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है।

केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चालू वित्त वर्ष के लिए 17.2 लाख करोड़ रुपए उधार लेने का प्रस्ताव रखा था। इस उधारी का उद्देश्य राजकोषीय घाटे को वित्तपोषित करना है, जिसे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी के 4.3 प्रतिशत पर अनुमानित किया गया है।

इस बीच सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों यानी अप्रैल से जुलाई के दौरान राजकोषीय घाटा 4.55 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पूरे वर्ष के लक्ष्य का 26.8 प्रतिशत है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में बेहतर स्थिति को दर्शाता है। पिछले वित्त वर्ष के इसी दौरान राजकोषीय घाटा 4.7 लाख करोड़ रुपए था, जो वार्षिक अनुमान का 29.9 प्रतिशत था।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान कुल प्राप्तियां 13.07 लाख करोड़ रुपए रहीं, जबकि कुल व्यय 17.62 लाख करोड़ रुपए रहा। यह क्रमशः चालू वित्त वर्ष के बजटीय अनुमान का 35.8 प्रतिशत और 32.9 प्रतिशत है।

इसी अवधि में राजस्व प्राप्तियां 12.68 लाख करोड़ रुपए दर्ज की गईं। इनमें 8.45 लाख करोड़ रुपए कर राजस्व और 4.23 लाख करोड़ रुपए गैर-कर राजस्व शामिल था। गैर-कर राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से प्राप्त रिकॉर्ड डिविडेंड के कारण हुई।

आरबीआई ने केंद्र सरकार को 2.87 लाख करोड़ रुपए का अधिशेष हस्तांतरित किया, जबकि पिछले वर्ष यह राशि 2.69 लाख करोड़ रुपए थी। इससे सरकार की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने में मदद मिली है।

सरकार वित्तीय समेकन की अपनी रणनीति पर आगे बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में उसने 4.4 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल किया था और चालू वित्त वर्ष के लिए इसे घटाकर 4.3 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।

Disclaimer: The content of this article is for informational purposes only and should not be considered financial or investment advice. Investments in financial markets are subject to market risks, and past performance is not indicative of future results. Readers are strongly advised to consult a licensed financial expert or advisor for tailored advice before making any investment decisions. The data and information presented in this article may not be accurate, comprehensive, or up-to-date. Readers should not rely solely on the content of this article for any current or future financial references. To Read Complete Disclaimer Click Here

Top News

News Not Found

Tag News

News Not Found

More News

News Not Found