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2025-06-13 05:10:22 pm | Source: आईएएनएस
गोल्ड लोन की एलटीवी में वृद्धि से एनबीएफसी सेक्टर की ग्रोथ में होगा इजाफा
गोल्ड लोन की एलटीवी में वृद्धि से एनबीएफसी सेक्टर की ग्रोथ में होगा इजाफा

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से गोल्ड लोन के लिए लोन-टू-वैल्यू (एलटीवी) बढ़ाने से नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (एनबीएफसी) की ग्रोथ को बढ़ावा मिल सकता है। क्रिसिल की ओर से शुक्रवार को जारी की गई रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई थी।  

आरबीआई की ओर से गोल्ड लोन एलटीवी पर जारी फाइनल डारेक्शन में बताया गया कि 2.5 लाख रुपए तक के गोल्ड लोन के लिए एलटीवी अब 85 प्रतिशत होगा, जो कि पहले 75 प्रतिशत था।

क्रिसिल रेटिंग्स ने रिपोर्ट में बताया कि एनबीएफसी कंपनियों के गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में 70 प्रतिशत से अधिक लोन 5 लाख रुपए से कम की टिकट साइज के है। 

क्रिसिल रेटिंग्स की निदेशक मालविका भोटिका ने कहा, "कम-टिकट लोन के लिए एलटीवी स्टैंडर्ड में संशोधन से गोल्ड लोन-केंद्रित एनबीएफसी को दो तरह से लाभ होने की उम्मीद है। सबसे पहले यह बुलेट रीमेंट लोन में अर्जित ब्याज को ध्यान में रखने के बाद भी एलटीवी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अधिक कुशन प्रदान करेगा। दूसरा, यह लोन देने के लिए अतिरिक्त हेडरूम प्रदान करेगा। बुलेट लोन के लिए एलटीवी वर्तमान में 65-68 प्रतिशत से बढ़कर 70-75 प्रतिशत हो सकता है।"

रिपोर्ट में बताया गया कि ड्राफ्ट डारेक्शन में एलटीवी उल्लंघन के मामले में 30 दिनों की निरंतर अवधि के लिए 1 प्रतिशत अतिरिक्त स्टैंडर्ड एसेट्स प्रावधान का प्रस्ताव किया गया था। फाइनल डारेक्शन में इस अतिरिक्त प्रावधान का कोई संदर्भ नहीं दिया गया है। 

हालांकि, लेंडर की क्रेडिट पॉलिसी में एलटीवी उल्लंघन के लिए की जाने वाली कार्रवाई के साथ-साथ नीलामी के लिए ट्रिगर इवेंट आदि को निर्दिष्ट करना होगा।

एक और महत्वपूर्ण डारेक्शन जो लोन नवीनीकरण और/या टॉप-अप के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया है, यह पहले जारी किए गए ड्राफ्ट निर्देशों के अनुरूप है। बुलेट रीमेंट लोन के लिए नवीनीकरण या टॉप-अप को संपूर्ण अर्जित ब्याज के रीमेंट के बाद ही बढ़ाया जा सकता है। एनबीएफसी को नवीनीकरण/टॉप-अप लोन प्रदान करने की अपनी क्षमता बनाए रखने के लिए आवधिक ब्याज संग्रह पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता होगी

रिपोर्ट में बताया गया था कि यह निर्देश 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगे, जिससे एनबीएफसी को संशोधित नियमों का अनुपालन करने के लिए अपनी प्रणालियों और प्रक्रियाओं को पुनः व्यवस्थित करने के लिए आवश्यक समय मिल जाएगा।

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