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Published on 23/09/2019 9:03:38 AM | Source: आईएएनएस

अमेरिकी गैस कंपनी में 2.5 अरब डॉलर निवेश कर सकती है पेट्रोनेट

 देश में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आयातक सबसे बड़ी कंपनी पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड (पीएलएल) अमेरिका की प्राकृतिक गैस कंपनी टेल्यूरियन ड्रिफ्टवुड की लुसियाना स्थित परियोजना में करीब 20 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए 2.5 अरब डॉलर निवेश करेगी।

यह यह बात सौदे से जुड़ी जानकारी रखने वाले दो स्रोतों ने आईएएनएस को दी है।

ह्यूस्टन स्थित ऊर्जा कंपनी टेल्यूरियन और पीएलएल ने शनिवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत पीएलएल और इससे संबद्ध कंपनियां 40 साल से अधिक अवधि के दौरान अमेरिका से 50 लाख टन एलएनजी का आयात करेंगी।

इस करार में एलएनजी प्राप्त करने के लिए ड्रिफ्टवुड की परियोजना में हिस्सेदारी हासिल करने के लिए पीएलएल द्वारा किया जाने वाला निवेश भी शामिल है।

टेल्यूरियन की कॉरपोरेट प्रस्तुति के अनुसार, ड्रिफ्टवुड से सालाना 10 लाख टन एलएनजी प्राप्त करने के लिए 50 करोड़ डॉलर निवेश करने की आवश्यकता है। इस आंकड़े के अनुसार, सौदे के तहत पीएलएल को करीब 2.5 अरब डॉलर का निवेश करना होगा।

टेल्यूरियन ड्रिफ्टवुड होल्डिंग्स में हिस्सेदारी की पेशकश कर रही है, जिसमें टेलूरियन की अपस्ट्रीम कंपनी, उसकी पाइपलाइन और आगामी टर्मिनल शामिल हैं, जिससे वह सालाना 2.76 करोड़ टन एलएनजी का निर्यात कर पाएगी।

दोनों कंपनियों की ओर इस पर तत्काल कोई बयान जारी नहीं किया गया है।

टेल्यूरियन ड्रिफ्टवुड में 51 फीसदी हिस्सेदारी तीसरे पक्ष को बेच रही हैं, जबकि वह इसमें 49 फीसदी हिस्सेादी यानी 1.36 करोड़ टन सालाना एलएनजी पर नियंत्रण अपने पास रखेगी। पीएलएल की 50 लाख टन सालाना की हिस्सेदारी से अमेरिकी कंपनी में इसकी करीब 20 फीसदी हिस्सेदाी होगी।

टेल्यूरियन को परियोजना से 8 डॉलर प्रति शेयर का नकदी प्रवाह पैदा होने की उम्मीद है। अगर पीएलएल का एलएनजी का शेयर बढ़ाकर 50 लाख टन सालाना से ज्यादा किया जाता है, तो हिस्सेदारी और अधिक हो जाएगी।

इस सौदे से भारत को फायदा होगा, क्योंकि इससे भारत को ड्रिफ्टवुड से सस्ती एलएनजी मिलने की उम्मीद है।

ड्रिफ्टवुड परियोजना से तीन डॉलर प्रति एमएमबीटीयू एलएनजी मिलने की उम्मीद है, जोकि किराया और बीमा खर्च जोड़ने के बाद भी भारत का सस्ती पड़ेगी।

टेल्यूरियन के प्रेसिडेंट और सीईओ मेग जेंटल ने एक बयान में कहा, "भारत की सबसे बड़ी एलएनजी आयात करने वाली कंपनी पेट्रोनेट ड्रिफ्टवुड से भारत को मिलने वाली प्राकृतिक गैसे को कम लागत से साफ करके उसका वितरण करने में समर्थ होगी। प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल बढ़ने से भारत आर्थिक विकास को रफ्तार देने में सक्षम होगा, जिससे प्रधानमंत्री मोदी के देश को 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी और अधिक स्वच्छ पर्यावरण बनाने में इसका योगदान होगा।"

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